14-15 साल की उम्र में चलती ट्रेनों से मोबाइल छीना करता था। 17 साल का होने तक लूट, स्नैचिंग जैसे संगीन मामलों में बाल सुधार गृह की 'हवा' खा ली। वहां सुधरने की बजाय दूसरे बच्चों को भी बिगाड़ दिया, उनके साथ गैंग बना लिया। बालिग होने तक नाबालिग बदमाशों का 'गुरु' बन चुका था।
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